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देश आपका है- फैसला आपको करना है !

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देश मे एक के बाद एक, लगातार दो अलग अलग “सर्जिकल स्ट्राइक” हुई है. दोनो बार की कार्यवाही मे समानता यही है कि दोनो ही बार इनकी घोषणा अचानक की गयी और दोनो ही बार देश के विपक्षी नेता या कहिये कि गैर-भाजपाई नेताओं की समझ मे यह नही आया कि तत्कालिक रूप से इन “सर्जिकल स्ट्राइक्स” पर क्या प्रतिक्रिया दी जाये.

जब जब इन “सर्जिकल स्ट्राइक्स” की सूचना सेना या सरकार द्वारा मुहैया कराई गयी, देश के सम्पूर्ण विपक्ष की हालत ऐसी हो गयी जैसे काटो तो खून नही. लकवा मारा हुआ विपक्ष जब कुछ सोचने समझने लायक होता है तो फिर कुछ काल्पनिक कहानी गढनी शुरु करता है ताकि वर्तमान सरकार को उसके ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसले का श्रेय ना मिल पाये. विपक्ष इस गलतफ़हमी मे आज तक है कि देश मे सोशल मीडिया का कोई वजूद नही है और जो कुछ भी “दुष्प्रचार” यह विपक्षी नेता सरकार के खिलाफ करेंगे, उसे जनता सच मान लेगी और यह अपने दुष्प्रचार मे उसी तरह कामयाब होते रहेंगे जैसे कि पिछले 60-70 सालों से हो रहे थे.

पहली सर्जिकल स्ट्राइक तो विपक्ष के नेताओं से हज़म ही नही हुई और उन्होने उसे फर्ज़ी करार दे दिया-पाकिस्तान भी यही चाहता था. इन लोगों का यह कहना था कि या तो “सर्जिकल स्ट्राइक” का वीडियो जारी किया जाये (ताकि पाकिस्तान उस वीडियो को देखकर आगे के लिये सतर्क हो जाये ) और अगर सरकार यह वीडियो नही दिखाती है तो यह “सर्जिकल स्ट्राइक” फर्ज़ी मानी जायेगी. यह फैसला जनता करे कि विपक्षी नेता जो कुछ भी बोल रहे थे, उससे ज्यादा फायदा पाकिस्तान को हो रहा था या भारत को ?

अपनी पहली सर्जिकल स्ट्राइक को ही आगे बढ़ाते हुये मोदी सरकार ने 8 नवंबर 2016 की रात को “काले धन पर भी सर्जिकल स्ट्राइक” कर डाली. यह बात सारी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है और अपने आतंकवाद को पालने पोषने के लिये वह भारत के 500-1000 के नकली नोट भारी मात्रा मे छाप छाप कर, अपने आतंकवादी मनसूबों को अंज़ाम देता रहा है. आज जो लोग विपक्ष मे हैं, वे लोग पहले सत्ता मे थे और उन लोगों ने पाकिस्तान की इस बेज़ा हरकत को रोकने के लिये अगर कोई उपाय किये होते तो हज़ारों सैनिकों और देशवासियों की जान बचाई जा सकती थी. लेकिन पिछली “सेक्युलर” सरकारों का पाकिस्तान-प्रेम, देश-प्रेम पर हमेशा ही भारी पड़ता रहा. इसीलिये जब मोदी सरकार ने अचानक ही पाकिस्तानी-आतंकवाद का “सोर्स ऑफ फंडिंग” ही बंद कर दिया तो हमारे विपक्षी नेताओं को यह बात बहुत नागवार गुज़री.

लेकिन हमारे विपक्षी नेताओं मे थोड़ी बहुत शर्म अभी भी बाकी है या वे लोग जनता को आज भी सन 1950-60 के दशक की जनता समझ रहे हैं, इसलिये उन्होने यह बहाना बनाना शुरु कर दिया कि हम लोग “काले धन पर की गयी सर्जिकल स्ट्राइक” का पुरजोर विरोध इसलिये कर रहे हैं, क्योंकि जनता को उससे बड़ी तकलीफ हो रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा किसी और विपक्षी नेता ने यह बताने की जरूरत नही समझी, कि जिस जनता के दर्द की चिंता इन लोगों को पिछले 60-70 सालों मे नही हुई, अचानक इनका दिल इतना कैसे पसीज़ गया और यह दयावान होकर “जनता के हमदर्द” बनने की नौटंकी कब से करने लगे ?

गौर करने लायक बात यह है कि दीपावली से पहले लगभग हर घर मे रँगाई-पुताई का काम होता है और इसीके बहाने साफ-सफाई भी हो जाती है. जितने दिन तक यह काम घर मे चलता है, घर की सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है, लेकिन उससे हम लोग हाहाकार मचाना शुरु नही कर देते हैं. ठीक उसी तरह से जब देशहित मे एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिससे ना सिर्फ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का, बल्कि भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार काले धन का भी सफाया होने वाला है, तो हमारे कुछ मुट्ठी भर विपक्षी नेताओं के पेट मे दर्द क्यों हो रहा है ? कोई विपक्षी नेता अपने पिछले कमाये हुये काले  धन को सफेद करने के लिये बैंक की लाइन मे लगने की नौटंकी कर रहा है और कोई विपक्षी नेता पाकिस्तान से आये नकली नोटों को ठिकाने लगाने के लिये आज़ादपुर सब्जी मंडी जाकर बैठ गया है.

देश इस समय एक ऐसे निर्णायक  मोड पर खड़ा है, जहाँ एक ओर भ्रष्ट लोग पूरी तरह बेनकाब होकर जनता के सामने खड़े हुये हैं-वहीं दूसरी ओर ईंमानदार लोग अपने फैसले पर अडिग और अटल खड़े हुये है और उनके फैसले को सुप्रीम कोर्ट के साथ साथ देश के राष्ट्रपति और 125 करोड़ देशवासियों का भी पूरा समर्थन प्राप्त है.  भ्रष्ट लोगों की संख्या मुट्ठी भर है और वे लोग अपनी पूरी बेशर्मी के साथ इस ऐतिहासिक फैसले का पुरजोर विरोध संसद के बाहर और संसद के अंदर भी कर रहे हैं.

देश इन नेताओं का नही है !
देश आपका है !!
फैसला आपको करना है !!!

Web Title : देश आपका है- फैसला आपको करना है !



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
November 18, 2016

जय श्री राम राजीव जी आपने सही फ़रमाया की जिन नेताओ के पास अनगिनत कला धन है वे ही हल्ला मचा रहे है ममता के प्रदेश से जाली नोट आते वहां जेहादी राज है कांग्रेस,मुलायम,ममता मायावती लालू इसीलिये परेशांन है केजरीवाल जो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाता था आज कल इस पर भी विरोध कर रहा उसकी पार्टी का कला धन जो चुनाव में लग्न था बेकार हो गया ज्यादातर लोग इस फैसले के पक्ष में है थोड़ी तकलीफ तो होगी.सुन्दर विवेचना

RAJEEV GUPTA के द्वारा
November 18, 2016

जय श्री राम रमेश जी, इन विपक्षी नेताओं ने देश की जनता को बेबकूफ समझ रखा है जैसे की जनता नहीं जानती की इन नेताओं ने कितना काल धन इकठ्ठा किया हुआ है और कितना नकली धन पाकिस्तान से कुछ विपक्षी नेताओं के पास आता है जिसके जरिये यह विपक्षी नेता देश में आतंकवाद फैलाते हैं. ऐसा लग रहा है की एक सर्जिकल स्ट्राइक इन देशद्रोही विपक्षी नेताओं पर भी करनी पड़ेगी ताकि देश की जनता इन गद्दारों से हमेशा के लिए छुटकारा पा सके. ब्लॉग का संज्ञान लेने के लिए आपका आभार.

sadguruji के द्वारा
November 18, 2016

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! बहुत अच्छा लेख ! मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये ! आपने बिलकुल सही कहा है कि विपक्षी नेता अपने पिछले कमाये हुये काले धन को सफेद करने के लिये बैंक की लाइन मे लगने का नाटक कर रहे हैं ! व्यर्थ का शोर मचा रहे भ्रष्ट लोगों की संख्या वास्तव में ही मुट्ठी भर ही है ! पीएम मोदी के ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसले के पक्ष में ईमानदार और देशभक्त लोंगो को आगे आना चाहिए ! सादर आभार !

RAJEEV GUPTA के द्वारा
November 19, 2016

आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, ब्लॉग का संज्ञान लेकर उसे पसंद करने एवं उस पर अपनी सार्थक टिप्पणी करने के लिए आपका हार्दिक आभार एवं अभिनन्दन.


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